Journal of Advances in Developmental Research

E-ISSN: 0976-4844     Impact Factor: 9.71

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राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालयए राजगढ़ ;अलवरद्ध राजस्थान

Author(s) डॉ मीनाक्षी मीना
Country India
Abstract नगरीकरण आधुनिक समाज की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया हैए जिसने आर्थिकए सामाजिक तथा सांस्कृतिक जीवन में व्यापक परिवर्तन उत्पन्न किए हैं। नगरों के विस्तार के साथ.साथ अपराध और सामाजिक विचलन की समस्याएँ भी बढ़ी हैं। सामाजिक विचलन उन व्यवहारों को कहा जाता है जो समाज द्वारा स्वीकृत मानदंडों और मूल्यों के विरुद्ध होते हैं। नगरीय समाज में बेरोज़गारीए गरीबीए जनसंख्या वृद्धिए सामाजिक असमानताए पारिवारिक विघटन तथा आधुनिक जीवनशैली अपराध और विचलन को बढ़ावा देते हैं। यह शोध पत्र नगरीय समाज में अपराध एवं सामाजिक विचलन के स्वरूपए कारणए प्रभाव तथा नियंत्रण के उपायों का समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
नगरीय वृद्धि एवं विकास से जुड़ी हुई समस्याओं में आज जिन तीन समस्याओं को सबसे अधिक गम्भीर माना जाता है उनका सम्बन्ध नगर की गन्दी बस्तियोंए अपराधी व्यवहारों में वृद्धि तथा पर्यावरण से है । इन तीनों समस्याओं का सम्बन्ध किसी.न.किसी रूप में नगरीय स्थल के एक विशेष प्रतिमानए व्यक्तिवादिता पर आधारित सम्बन्धों तथा नगरों की भौतिक संस्कृति में होने वाली वृद्धि से है । यह सच है कि भारत और दुनिया के अनेक दूसरे देशों में नगरों का इतिहास बहुत प्राचीन है लेकिन आरम्भिक नगरों एवं वर्तमान नगरों की बसाहट के प्रतिमानोंए उपभोग के तरीकों तथा मूल्यगत संरचना में एक भारी अन्तर देखने को मिलता है । भारत में परम्परागत नगरों की स्थापना व्यापारिकए सैनिक तथा सांस्कृतिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हुई। ऐसे नगरों का आकार तुलनात्मक रूप से छोटा था तथा जिस स्थान पर उपजाऊ भूमि तथा पानी की सुविधाएं उपलब्ध होती थीं वहीं जनसंख्या का केन्द्रीकरण बढ़ने से नगर के आकार में भी सामान्य वृद्धि होने लगती थी। ऐसे नगरों की संरचना नदी के तट से हटकर एक लम्बी कतार के रूप में होती थी तथा विभिन्न आवासीय क्षेत्र साधारणतया एक विशेष मार्ग में ही जुड़े रहते थे ।
Keywords नगरीय समाजए अपराध एविचलनए गन्दी बस्तियॉए प्रदूषणए सामान्तवादी व्यवस्थाए सामाजिक नियंत्रणए बेरोज़गारी
Published In Volume 13, Issue 2, July-December 2022
Published On 2022-07-08
Cite This राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालयए राजगढ़ ;अलवरद्ध राजस्थान - डॉ मीनाक्षी मीना - IJAIDR Volume 13, Issue 2, July-December 2022.

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