Journal of Advances in Developmental Research

E-ISSN: 0976-4844     Impact Factor: 9.71

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ग्राम सभा में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने में स्वयं सहायता समूह की भूमिका

Author(s) चन्द्र कांत झा
Country India
Abstract ग्राम सभा भारतीय लोकतंत्र की आधारभूत इकाई है, जो स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने और जनभागीदारी को सुनिश्चित करने का प्रमुख माध्यम है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी लंबे समय तक सीमित रही है, जिसका मुख्य कारण सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक बाधाएँ रही हैं। इस संदर्भ में स्वयं सहायता समूह महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी सक्रिय भागीदारी को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यह शोध-पत्र ग्राम सभा में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने में स्वयं सहायता समूह की भूमिका का विश्लेषण करता है। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाएँ न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनती हैं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जागरूकता भी विकसित होती है। यह समूह महिलाओं को एक मंच प्रदान करते हैं, जहाँ वे अपने मुद्दों को साझा कर सकती हैं और सामूहिक रूप से समाधान खोज सकती हैं। परिणामस्वरूप, वे ग्राम सभा जैसी लोकतांत्रिक संस्थाओं में अधिक सक्रिय रूप से भाग लेने लगती हैं।
यह अध्ययन दर्शाता है कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं को सशक्त बनाकर उन्हें निर्णय प्रक्रिया में शामिल करने का प्रभावी माध्यम हैं। अभी भी कुछ चुनौतियाँ मौजूद हैं, जैसे सामाजिक प्रतिबंध, शिक्षा की कमी और संसाधनों की सीमाएँ। स्वयं सहायता समूह और ग्राम पंचायतों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करके महिलाओं की भागीदारी को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
Keywords स्वयं सहायता समूह, सशक्तिकरण, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल, सामाजिक जागरूकता एवं सक्रिय भागीदारी इत्यादि
Published In Volume 13, Issue 1, January-June 2022
Published On 2022-05-06

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