Journal of Advances in Developmental Research

E-ISSN: 0976-4844     Impact Factor: 9.71

A Widely Indexed Open Access Peer Reviewed Multidisciplinary Bi-monthly Scholarly International Journal

Call for Paper Volume 17 Issue 2 July-December 2026 Submit your research before last 3 days of December to publish your research paper in the issue of July-December.

मोटे अनाज आधारित कौशल विकास कार्यक्रमों का बस्तर के जनजातीय युवाओं के रोजगार एवं आय वृद्धि पर प्रभाव : एक अध्ययन

Author(s) प्रेमजीत, डॉ.देवाशीष हालदार
Country India
Abstract प्रस्तुत शोध का उद्देश्य बस्तर जिला के जनजातीय युवाओं के संदर्भ में मोटे अनाज आधारित कौशल विकास कार्यक्रमों की स्थिति का विश्लेषण करना तथा उनके रोजगार अवसरों एवं आयामों में होने वाली वृद्धि पर पड़ने वाले प्रभाव का मूल्यांकन करना है। बस्तर क्षेत्र पारंपरिक रूप से मक्का, कोदो, कुटकी एवं रागी जैसे मोटे अनाजों की खेती के लिए जाना जाता है, जो स्थानीय आजीविका एवं पोषण सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार हैं। अध्ययन के लिए 102 उत्तरदाताओं से प्राप्त प्राथमिक आँकड़ों का विश्लेषण किया गया है जिससे प्राप्त परिणामों से ज्ञात होता है की बस्तर क्षेत्र कि लगभग 65.70% उत्तरदाता कृषि कार्य और उससे जुड़े हुए अन्य कार्यों से जुड़े हैं तथा 58.80% उत्तरदाता मोटे अनाज की खेती करते हैं, जिससे क्षेत्र में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका स्पष्ट होती है। इस शोध में हमने मुख्य रूप से युवा वर्ग जिसमें आयु संरचना में 18–25 वर्ष के युवाओं का प्रभुत्व पाया गया, जो अध्ययन के उद्देश्य के अनुरूप है क्योंकि हम शोध में मोटे अनाज की युवा वर्ग के रोजगार की स्थिति को जानना है । कौशल विकास कार्यक्रमों की स्थिति का विश्लेषण दर्शाता है कि केवल 16.70% उत्तरदाताओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है तथा मात्र 11.8% ने सरकारी मिलेट कार्यक्रमों में भाग लिया है, जो युवा वर्ग तक कार्यक्रमों की सीमित पहुँच एवं जागरूकता को इंगित करता है। प्रशिक्षण का स्वरूप मुख्यतः खेती तक ही सीमित रहा हैं , जबकि प्रसंस्करण एवं उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण अपेक्षाकृत कम पाया गया। रोजगार पर प्रभाव के संदर्भ में पाया गया कि प्रशिक्षण प्राप्त उत्तरदाताओं में से लगभग आधे को रोजगार प्राप्त हुआ तथा 70% से अधिक ने रोजगार अवसरों में वृद्धि को स्वीकार किया। इसी प्रकार आय के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि लगभग 70% उत्तरदाताओं की आय में वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त अधिकांश उत्तरदाताओं ने प्रशिक्षण को महत्वपूर्ण माना है एवं कौशल के माध्यम से विशेष आर्थिक बदलाव की बात कही है | अध्ययन में उत्तरदाताओं के सम्मुख आने वाली मुख्य समस्याओं में पाया गया जिसमें बाजार की कमी, वित्तीय संसाधनों का अभाव तथा प्रशिक्षण की सीमित उपलब्धता प्रमुख बाधाएँ हैं।
Keywords कौशल प्रशिक्षण , मोटे अनाज , रोजगार सृजन, जनजातीय युवा, आय वृद्धि, ग्रामीण आजीविका, बस्तर
Field Sociology > Economics
Published In Volume 17, Issue 1, January-June 2026
Published On 2026-04-17
DOI https://doi.org/10.71097/IJAIDR.v17.i1.1806
Short DOI https://doi.org/hb4w8p

Share this