Journal of Advances in Developmental Research
E-ISSN: 0976-4844
•
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Volume 17 Issue 1
2026
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वैश्वीकरण के दौर में भारतीय लघु, छोटे एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) की चुनौतियाँ, अवसर एवं प्रतिस्पर्धात्मकता: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
| Author(s) | Dr. Abdul Rahman |
|---|---|
| Country | India |
| Abstract | भारतीय अर्थव्यवस्था में लघु, छोटे एवं मध्यम उद्यम (MSMEs) का योगदान रोजगार, उत्पादन, निर्यात, क्षेत्रीय संतुलन, उद्यमिता-विकास और सामाजिक-आर्थिक समावेशन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की नीतियों के बाद भारतीय MSME क्षेत्र के समक्ष एक द्वैत परिदृश्य उभरा है—एक ओर वैश्विक बाज़ार, तकनीक, आपूर्ति-श्रृंखला और निर्यात-विस्तार के नए अवसर उपलब्ध हुए; दूसरी ओर तीव्र प्रतिस्पर्धा, वित्तीय अवरोध, तकनीकी पिछड़ापन, गुणवत्ता-मानकीकरण, विपणन-संकट, अवसंरचनात्मक बाधाएँ और नीतिगत असमानताएँ अधिक स्पष्ट हुईं। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य भारतीय MSMEs की वैश्वीकरण-जनित चुनौतियों, अवसरों एवं प्रतिस्पर्धात्मकता का विश्लेषणात्मक अध्ययन करना है। यह अध्ययन मुख्यतः द्वितीयक स्रोतों, वैचारिक विमर्श, नीतिगत दस्तावेजों तथा 2000 से 2014 के मध्य प्रकाशित साहित्य के आधार पर निर्मित है। अध्ययन में प्रतिस्पर्धात्मकता को केवल लागत या मूल्य के आधार पर नहीं, बल्कि प्रौद्योगिकी-अनुकूलन, उत्पादकता, गुणवत्ता, नवाचार, बाज़ार-सुगमता, संस्थागत समर्थन और नीति-ढाँचे के समेकित परिणाम के रूप में देखा गया है। शोध-पत्र यह तर्क प्रस्तुत करता है कि भारतीय MSMEs की वास्तविक प्रतिस्पर्धात्मकता केवल बाज़ार-उदारीकरण से नहीं, बल्कि सक्षम वित्त, तकनीकी उन्नयन, क्लस्टर-आधारित विकास, कौशल-संवर्धन, डिजिटल एकीकरण, गुणवत्ता-प्रमाणीकरण और नीति-समन्वय पर निर्भर करती है। निष्कर्षतः, वैश्वीकरण MSMEs के लिए न तो केवल संकट है, न ही केवल अवसर; यह एक ऐसी संरचनात्मक परिस्थिति है जिसमें सक्षम संस्थागत हस्तक्षेप के अभाव में अवसर असमान रूप से वितरित होते हैं और चुनौतियाँ तीव्र रूप से अनुभव की जाती हैं। इस प्रकार, भारतीय MSMEs की दीर्घकालीन प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए एक बहु-आयामी, समावेशी और नवाचारोन्मुख नीति-दृष्टि आवश्यक है। |
| Keywords | MSMEs, वैश्वीकरण, प्रतिस्पर्धात्मकता, उदारीकरण, तकनीकी उन्नयन, निर्यात, लघु उद्योग, नीति-विमर्श, भारतीय अर्थव्यवस्था |
| Published In | Volume 6, Issue 1, January-June 2015 |
| Published On | 2015-04-03 |
| Cite This | वैश्वीकरण के दौर में भारतीय लघु, छोटे एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) की चुनौतियाँ, अवसर एवं प्रतिस्पर्धात्मकता: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन - Dr. Abdul Rahman - IJAIDR Volume 6, Issue 1, January-June 2015. DOI 10.71097/IJAIDR.v6.i1.1814 |
| DOI | https://doi.org/10.71097/IJAIDR.v6.i1.1814 |
| Short DOI | https://doi.org/hbwspn |
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