Journal of Advances in Developmental Research
E-ISSN: 0976-4844
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Volume 17 Issue 1
2026
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पर्यावरण इतिहास : भारत में जल संरक्षण की परंपराएँ
| Author(s) | आशा सुनारीवाल |
|---|---|
| Country | India |
| Abstract | भारत प्राचीन काल से ही जल संरक्षण की समृद्ध परंपराओं वाला देश रहा है। यहाँ की भौगोलिक विविधता, मानसूनी जलवायु तथा कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था ने जल प्रबंधन को जीवन का अनिवार्य अंग बनाया। भारतीय समाज ने तालाब, बावड़ी, कुएँ, जोहड़, नाड़ी, झील, आहर-पाइन, कुंड तथा नहर जैसी अनेक पारंपरिक जल संरक्षण प्रणालियों का विकास किया। इन प्रणालियों ने केवल जल संचयन ही नहीं किया, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन को भी स्थिरता प्रदान की। आधुनिक युग में बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और भूजल दोहन के कारण जल संकट गंभीर समस्या बन गया है। इस शोध-पत्र में भारत की पारंपरिक जल संरक्षण प्रणालियों का ऐतिहासिक अध्ययन, उनका सामाजिक महत्व तथा वर्तमान संदर्भ में उनकी उपयोगिता का विश्लेषण किया गया है। भारत एक प्राचीन सभ्यता है जहाँ जल को केवल एक प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार, धर्म का अंग और संस्कृति की पहचान माना गया है। इस शोध लेख में पर्यावरण इतिहास के दृष्टिकोण से भारत में जल संरक्षण की उन परंपराओं का विश्लेषण किया गया है जो सैकड़ों-हजारों वर्षों से चली आ रही हैं। सिंधु घाटी सभ्यता के उन्नत जल प्रबंधन से लेकर राजस्थान की बावड़ियों, तमिलनाडु के एरियों, कर्नाटक के कट्टे, बिहार के आहर-पइन और हिमालयी क्षेत्रों की कुहल जैसी परंपराओं तक — भारतीय समाज ने जल को सहेजने की अनूठी विधियाँ विकसित की हैं। यह लेख इन परंपराओं को ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, तकनीकी और पारिस्थितिक दृष्टिकोण से देखता है। शोध में प्राथमिक और द्वितीयक स्रोतों का उपयोग करते हुए यह सिद्ध किया गया है कि भारत की पारंपरिक जल प्रबंधन प्रणालियाँ न केवल उस समय की आवश्यकताओं के अनुकूल थीं, बल्कि वे आज के जल-संकट के समाधान में भी प्रासंगिक और उपयोगी हैं। यह शोध इस विचार को पुष्ट करता है कि पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान का समन्वय ही जल संरक्षण की दिशा में सबसे प्रभावी मार्ग हो सकता है। |
| Keywords | पर्यावरण इतिहास, जल संरक्षण, बावड़ी, तालाब, पारंपरिक जल प्रबंधन, सिंधु घाटी, भारतीय जल परंपरा |
| Published In | Volume 13, Issue 1, January-June 2022 |
| Published On | 2022-01-07 |
| Cite This | पर्यावरण इतिहास : भारत में जल संरक्षण की परंपराएँ - आशा सुनारीवाल - IJAIDR Volume 13, Issue 1, January-June 2022. |
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