Journal of Advances in Developmental Research

E-ISSN: 0976-4844     Impact Factor: 9.71

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बच्चों के विकास पर कामकाजी माताओं का प्रभाव

Author(s) डॉ मीनाक्षी मीना
Country India
Abstract वर्तमान सामाजिक परिप्रेक्ष्य में कामकाजी माताओं का समाज के निर्माण और अन्वेषण में अविश्वसनीय योगदान है। काम करने वाली माताएं एवं ग्रहणी माताएं किस प्रकर अपने बच्चों की देखभाल करती हैं और उनका बच्चों के विकास पर क्या प्रभाव पड़ता हैघ् को मालुम करने का प्रयास किया गया है। इस अध्ययन का उद्देश्य यह है कि बच्चों के विकास और सीखने पर कार्यशील माताओं के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों को पहचानने और उनका विश्लेषण करने तथा संबंधित अध्ययन की समीक्षा करते हुए कार्य कर रही माताओं के लिए एक अच्छी मां बनने के विचार विकसित करने का प्रयास किया जाए। एक कार्यव्यस्त मां अपने बच्चों के लिए एक आदर्श बन सकती है और उन्होंने अपने सपनों और महत्त्वाकांक्षाओं को परितृप्त करने की प्रेरणा दी है। लेकिन दूसरी ओरए यदि काम कर रही माँ अपनी कुंठा या टेंशन घर ले आती है तो बच्चे नकारात्मक प्रवृत्ति पैदा कर सकते हैं और अपने बच्चों को सुरक्षित भावनात्मक साधन प्रदान करने में भी असफल रह सकती हैं। यह बच्चों के संज्ञानात्मकए भावात्मक और मनोप्रेरक विकास में बाधा डालता है। इसलिए बच्चों की शिक्षा और विकास पर माता की नियुक्ति के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव दोनों ही होते हैंए लेकिन कार्यशील माताओं के बीच माता.पिता और प्रबंधन कौशल की गुणवत्ता नकारात्मक प्रभाव को कम कर देती है। इस कौशल में उपलब्धि और संतुष्टि की भावनाए काम की कुंठा और देखभाल और प्यार करने वाले बच्चों के कौशल का प्रबंध शामिल है।
Keywords कार्यरत माताए बच्चों के विकासए परवरिशए प्रबंध कौशलए संज्ञानात्मकए भावात्मकए मनोप्रेरक विकास
Published In Volume 11, Issue 2, July-December 2020
Published On 2020-07-09
Cite This बच्चों के विकास पर कामकाजी माताओं का प्रभाव - डॉ मीनाक्षी मीना - IJAIDR Volume 11, Issue 2, July-December 2020.

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