Journal of Advances in Developmental Research
E-ISSN: 0976-4844
•
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Volume 17 Issue 2
2026
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ग्राम स्वराज एवं वैश्वीकरण के दौर में सोशल मीडिया
| Author(s) | सोनू सिंह |
|---|---|
| Country | India |
| Abstract | ग्राम स्वराज की कल्पना यह है की यह एक ऐसा पूर्ण प्रजातंत्र होगा जो अपनी महत्त्व की जरूरतों के लिए अपने पडोसी पर भी निर्भर नहीं करेगा और फिर वह दूसरी जरूरतों के लिए जिनमे दुसरो का सहयोग अनिवार्य होगा वह परस्पर सहयोग करेगा इस तरह हर गाँव का पहला काम यह होगा की वह अपनी जरुरत का तमाम अनाज और कपड़े के लिए कपास खुद पैदा कर ले। वैश्वीकरण आधुनिक विश्व की ऐसी व्यापक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से विभिन्न देश,संस्कृतियाँ और समुदाय परस्पर अधिक निकट रूप से जुड़ते हैं। इसका अर्थ केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार या पूँजी के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन के आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और तकनीकी पक्षों में बढ़ती हुई परस्पर निर्भरता को व्यक्त करता है।हम सभी जानते हैं कि सोशल मीडिया मुख्य रूप से युवाओं से जुड़ी चीज है। आबादी का युवा वर्ग सोशल मीडिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करता है और इसके इस्तेमाल से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी, दिनचर्या, व्यवहार, बातचीत के तरीके और रिश्तों पर असर पड़ रहा है, जिससे उनकी जीवनशैली बदल रही है। |
| Keywords | ग्राम स्वराज, स्वराज, वैश्वीकरण, सोशल मीडिया, साइबर |
| Field | Arts |
| Published In | Volume 17, Issue 2, July-December 2026 |
| Published On | 2026-07-18 |
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