Journal of Advances in Developmental Research

E-ISSN: 0976-4844     Impact Factor: 9.71

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ग्राम स्वराज एवं वैश्वीकरण के दौर में सोशल मीडिया

Author(s) सोनू सिंह
Country India
Abstract ग्राम स्वराज की कल्पना यह है की यह एक ऐसा पूर्ण प्रजातंत्र होगा जो अपनी महत्त्व की जरूरतों के लिए अपने पडोसी पर भी निर्भर नहीं करेगा और फिर वह दूसरी जरूरतों के लिए जिनमे दुसरो का सहयोग अनिवार्य होगा वह परस्पर सहयोग करेगा इस तरह हर गाँव का पहला काम यह होगा की वह अपनी जरुरत का तमाम अनाज और कपड़े के लिए कपास खुद पैदा कर ले। वैश्वीकरण आधुनिक विश्व की ऐसी व्यापक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से विभिन्न देश,संस्कृतियाँ और समुदाय परस्पर अधिक निकट रूप से जुड़ते हैं। इसका अर्थ केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार या पूँजी के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन के आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और तकनीकी पक्षों में बढ़ती हुई परस्पर निर्भरता को व्यक्त करता है।हम सभी जानते हैं कि सोशल मीडिया मुख्य रूप से युवाओं से जुड़ी चीज है। आबादी का युवा वर्ग सोशल मीडिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करता है और इसके इस्तेमाल से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी, दिनचर्या, व्यवहार, बातचीत के तरीके और रिश्तों पर असर पड़ रहा है, जिससे उनकी जीवनशैली बदल रही है।
Keywords ग्राम स्वराज, स्वराज, वैश्वीकरण, सोशल मीडिया, साइबर
Field Arts
Published In Volume 17, Issue 2, July-December 2026
Published On 2026-07-18

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